नई दिल्ली। दिल्ली में पिछले कुछ सालों से व्यापारियों, शराब कारोबारियों, कार व प्रापर्टी डीलरों, काॅलोनाइजरों व अमीरों को गैंगस्टरों से रंगदारी के लिए लगातार धमकी मिल रही है। इनकी धरपकड़ के लिए उत्तरी रेंज के दो जिले आउटर नार्थ और रोहिणी जिला पुलिस ने दिल्ली और हरियाणा में बड़ा ऑपरेशन कर सात गैंगस्टरों से जुड़े 58 संदिग्धों के ठिकानों पर छापेमारी की।
दोनों जिले के 820 पुलिसकर्मियों की 58 टीमों ने उक्त ठिकानों पर छापेमारी की। पहली बार दिल्ली पुलिस ने इस तरह का ऑपरेशन चलाया है।
ऑपरेशन की गंभीरता का पता इसी से लगाया जा सकता है कि पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा व विशेष आयुक्त कानून एवं व्यवस्था रवींद्र सिंह यादव रात भर पुलिस टीमों का माॅनीटरिंग करते रहे।
मुख्यालय सूत्रों की मानें तो पुलिसकर्मियों की टीमें दो दिन पहले तैयार कर ली गई थी। जिसके तहत बुधवार देर रत 11 बजे योजनानुसार सभी टीमों ने संदिग्धों की रेकी कर उनके ठिकानों के आसपास पाेजीशन ले ली थी।
12 बजते ही एक साथ पुलिसकर्मियों ने उनके घरों पर धावा बोल दिया। बुधवार रात 12 बजे शुरू हुई कार्रवाई बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे तक यानी आठ घंटे तक चली।
बाहरी उत्तरी जिले के डीसीपी हरेश्वर वी स्वामी व रोहिणी के डीसीपी राजीव रंजन सिंह के नेतृत्व में इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया।
कार्रवाई के लिए बाहरी-उत्तरी जिला के 500 पुलिसकर्मियों की 39 टीमें व राेहिणी जिला के 320 पुलिसकर्मियों की 19 टीमें बनाई गई थी। बाहरी उत्तरी जिला पुलिस ने दिल्ली और सोनीपत व रोहिणी जिला पुलिस ने दिल्ली, सांपला, झज्जर, रोहतक व बहादुरगढ़ में कार्रवाई की।
इस दौरान बाहरी उत्तरी जिले की टीमों ने 25 व रोहिणी जिले की टीमों ने 11 संदिग्धों को हिरासत में लिया। इन सभी से गहन पूछताछ की जा रही है।
ऑपरेशन को लेकर बेहद सतर्कता बरती गई
कार्रवाई संबंधी रणनीति लीक न हो सके इसलिए दिल्ली पुलिस ने हरियाणा के स्थानीय थाना पुलिस से पहले कोई सूचना साझा नहीं की और बेहद गोपनीय तरीके से ऑपरेशन को अंजाम दिया।
इनके घरों की तलाशी लेने पर सात पिस्टल व रिवाल्वर, 40 कारतूस, एक अतिरिक्त मैग्जीन, एक लैपटाप, 26 स्मार्ट मोबाइल फोन, एक बुलेटप्रूफ स्कार्पियाे, एक चाकू, दो लोहे की राड, 14.60 किलो चांदी के आभूषण, 1.36 किलो सोने के आभूषण व 49.60 लाख नकद बरामद किए गए।







